Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.211.4: सुन्दर स्त्रियों, सुन्दर मालाओं, नाना प्रकार के सुगन्धित द्रव्यों, प्रचुर भोजन और मन को प्रसन्न करने वाले अनेक प्रकार के पेयों का भोग करता हुआ वह बड़े आनन्द से अपने दिन बिताने लगा॥4॥ | mahabharat अध्याय 1.211: तिलोत्तमापर मोहित होकर सुन्द-उपसुन्दका आपसमें लड़ना और मारा जाना एवं तिलोत्तमाको ब्रह्माजीद्वारा वरप्राप्त तथा पाण्डवोंका द्रौपदीके विषयमें नियम-निर्धारण । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुन्दर स्त्रियों, सुन्दर मालाओं, नाना प्रकार के सुगन्धित द्रव्यों, प्रचुर भोजन और मन को प्रसन्न करने वाले अनेक प्रकार के पेयों का भोग करता हुआ वह बड़े आनन्द से अपने दिन बिताने लगा॥4॥
Enjoying beautiful women, lovely garlands, various kinds of perfumes, ample food items and consuming many kinds of drinks that were pleasing to the heart, he began to spend his days in great joy. ॥4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥