Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.211.12: और वे अपने-अपने स्थान छोड़कर उसी स्थान पर खड़े हो गए जहाँ वह खड़ी थी। दोनों काम से उन्मत्त हो रहे थे, इसलिए वे दोनों उससे प्रेम की याचना करने लगे, ताकि उसे अपनी पत्नी बना सकें॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.211: तिलोत्तमापर मोहित होकर सुन्द-उपसुन्दका आपसमें लड़ना और मारा जाना एवं तिलोत्तमाको ब्रह्माजीद्वारा वरप्राप्त तथा पाण्डवोंका द्रौपदीके विषयमें नियम-निर्धारण   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 211: तिलोत्तमापर मोहित होकर सुन्द-उपसुन्दका आपसमें लड़ना और मारा जाना एवं तिलोत्तमाको ब्रह्माजीद्वारा वरप्राप्त तथा पाण्डवोंका द्रौपदीके विषयमें नियम-निर्धारण  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.211.12 
तावुत्थायासनं हित्वा जग्मतुर्यत्र सा स्थिता।
उभौ च कामसम्मत्तावुभौ प्रार्थयतश्च ताम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
और वे अपने-अपने स्थान छोड़कर उसी स्थान पर खड़े हो गए जहाँ वह खड़ी थी। दोनों काम से उन्मत्त हो रहे थे, इसलिए वे दोनों उससे प्रेम की याचना करने लगे, ताकि उसे अपनी पत्नी बना सकें॥12॥
 
And leaving their seats, they stood up and went to the same place where she was standing. Both were going mad with lust, so both of them started pleading for her love in order to make her their wife.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)