Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.210.31: जब वह जाने लगी, तब उसकी सुन्दरता देखकर सब देवता और ऋषिगण आश्वस्त हो गए कि अब उनका सारा कार्य सिद्ध हो गया ॥31॥   |   mahabharat अध्याय 1.210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  1.210.31 
गच्छन्त्या तु तया सर्वे देवाश्च परमर्षय:।
कृतमित्येव तत् कार्यं मेनिरे रूपसम्पदा॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जब वह जाने लगी, तब उसकी सुन्दरता देखकर सब देवता और ऋषिगण आश्वस्त हो गए कि अब उनका सारा कार्य सिद्ध हो गया ॥31॥
 
When she started leaving, all the gods and sages, after seeing her beauty, became confident that now their whole task was accomplished. ॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)