Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.210.22: नारदजी कहते हैं- युधिष्ठिर! तब तिलोत्तमा ने वैसा ही करने की प्रतिज्ञा की और ब्रह्माजी के चरणों में प्रणाम किया। फिर वह देवमण्डली की परिक्रमा करने लगी॥22॥ | mahabharat अध्याय 1.210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारदजी कहते हैं- युधिष्ठिर! तब तिलोत्तमा ने वैसा ही करने की प्रतिज्ञा की और ब्रह्माजी के चरणों में प्रणाम किया। फिर वह देवमण्डली की परिक्रमा करने लगी॥22॥
Naradji says- Yudhishthir! Then Tilottama vowed to do the same and bowed at the feet of Brahmaji. Then she started circling the Devmandali. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥