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mahabharat 1.210.21: ऐसा प्रयत्न करो कि तुम्हें देखते ही वे दोनों राक्षस तुम्हारे लिए और तुम्हारी सुन्दरता के लिए एक दूसरे से लड़ने लगें ॥21॥   |   mahabharat अध्याय 1.210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.210.21 
त्वत्कृते दर्शनादेव रूपसम्पत्कृतेन वै।
विरोध: स्याद् यथा ताभ्यामन्योन्येन तथा कुरु॥ २१॥
 
 
अनुवाद
ऐसा प्रयत्न करो कि तुम्हें देखते ही वे दोनों राक्षस तुम्हारे लिए और तुम्हारी सुन्दरता के लिए एक दूसरे से लड़ने लगें ॥21॥
 
Make efforts so that the moment they see you, those two demons start fighting each other for you and for your beauty. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)