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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.210.19 
ब्रह्माणं सा नमस्कृत्य प्राञ्जलिर्वाक्यमब्रवीत्।
किं कार्यं मयि भूतेश येनास्म्यद्येह निर्मिता॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात तिलोत्तमा ने ब्रह्माजी को प्रणाम किया और हाथ जोड़कर बोली, 'हे प्रभु! मुझे कौन-सा कार्य सौंपा गया है, जिसके लिए आज मेरा शरीर निर्मित हुआ है।'
 
Thereafter Tilottama bowed to Brahmaji and with folded hands said, 'O Lord! What task has been entrusted to me for which my body has been created today.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)