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mahabharat 1.210.18: चूँकि उसके शरीर के अंग उत्तम रत्नों के छोटे-छोटे टुकड़ों से बने थे, इसलिए ब्रह्मा ने उसका नाम तिलोत्तमा रखा।   |   mahabharat अध्याय 1.210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.210.18 
तिलं तिलं समानीय रत्नानां यद् विनिर्मिता।
तिलोत्तमेति तत् तस्या नाम चक्रे पितामह:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
चूँकि उसके शरीर के अंग उत्तम रत्नों के छोटे-छोटे टुकड़ों से बने थे, इसलिए ब्रह्मा ने उसका नाम तिलोत्तमा रखा।
 
Since her body parts were formed by taking tiny bits of the finest gems, Brahma named her Tilottama. 18.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)