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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.210.15 
सा प्रयत्नेन महता निर्मिता विश्वकर्मणा।
त्रिषु लोकेषु नारीणां रूपेणाप्रतिमाभवत्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
विश्वकर्मा द्वारा महान प्रयास से उत्पन्न वह दिव्य कन्या अपनी सुन्दरता के कारण तीनों लोकों की स्त्रियों में अतुलनीय थी।
 
That celestial girl, created with great effort by Vishwakarma, was incomparable among the women of the three worlds due to her beauty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)