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mahabharat 1.210.14: उन्होंने उस युवती के शरीर को लाखों रत्नों से अलंकृत किया और इस प्रकार रत्नों से बनी हुई एक देवी के समान सुन्दरी उत्पन्न की ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 1.210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 210: तिलोत्तमाकी उत्पत्ति, उसके रूपका आकर्षण तथा सुन्दोपसुन्दको मोहित करनेके लिये उसका प्रस्थान  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.210.14 
कोटिशश्चैव रत्नानि तस्या गात्रे न्यवेशयत्।
तां रत्नसंघातमयीमसृजद् देवरूपिणीम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने उस युवती के शरीर को लाखों रत्नों से अलंकृत किया और इस प्रकार रत्नों से बनी हुई एक देवी के समान सुन्दरी उत्पन्न की ॥14॥
 
He adorned the young woman's body with millions of precious stones and thus created a goddess-like beauty made up of precious stones. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)