Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.21.14: यह भगवान विष्णु का शयन-कक्ष बना हुआ है, जो अनन्त तेजोमय कमल-नेत्र वाले भगवान विष्णु हैं, जो युगान्तर काल से युगादिकल्प तक आध्यात्मिक योगनिद्रा का आनंद लेते हैं। 14॥ | mahabharat अध्याय 1.21: समुद्रका विस्तारसे वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अध्यात्मयोगनिद्रां च पद्मनाभस्य सेवत:।
युगादिकालशयनं विष्णोरमिततेजस:॥ १४॥
अनुवाद
यह भगवान विष्णु का शयन-कक्ष बना हुआ है, जो अनन्त तेजोमय कमल-नेत्र वाले भगवान विष्णु हैं, जो युगान्तर काल से युगादिकल्प तक आध्यात्मिक योगनिद्रा का आनंद लेते हैं। 14॥
It remains a bedroom for Lord Vishnu, the infinite-brilliant lotus-eyed Lord Vishnu, who enjoys spiritual Yoga Nidra (from the Yugantala period till the Yugaadikalpa). 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥