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mahabharat 1.209.5: युद्ध के लिए उन्मत्त उन दोनों राक्षसों में इच्छानुसार कहीं भी जाने की शक्ति थी; इसलिए वे आकाश में कूदकर सबसे पहले देवताओं के घर गए ॥5॥   |   mahabharat अध्याय 1.209: सुन्द और उपसुन्दद्वारा क्रूरतापूर्ण कर्मोंसे त्रिलोकीपर विजय प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 209: सुन्द और उपसुन्दद्वारा क्रूरतापूर्ण कर्मोंसे त्रिलोकीपर विजय प्राप्त करना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.209.5 
तावन्तरिक्षमुत्प्लुत्य दैत्यौ कामगमावुभौ।
देवानामेव भवनं जग्मतुर्युद्धदुर्मदौ॥ ५॥
 
 
अनुवाद
युद्ध के लिए उन्मत्त उन दोनों राक्षसों में इच्छानुसार कहीं भी जाने की शक्ति थी; इसलिए वे आकाश में कूदकर सबसे पहले देवताओं के घर गए ॥5॥
 
Those two demons, mad for war, had the power to go anywhere as per their will; therefore, jumping into the sky, they first went to the homes of the gods. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)