Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.209.25: श्राद्धकर्म लुप्त हो गया। वषट्कार और मंगल का नामोनिशान भी न रहा। सारा जगत् भयानक प्रतीत होने लगा। उसकी ओर देखना भी कठिन हो गया था॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 1.209: सुन्द और उपसुन्दद्वारा क्रूरतापूर्ण कर्मोंसे त्रिलोकीपर विजय प्राप्त करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निवृत्तपितृकार्यं च निर्वषट्कारमङ्गलम्।
जगत् प्रतिभयाकारं दुष्प्रेक्ष्यमभवत् तदा॥ २५॥
अनुवाद
श्राद्धकर्म लुप्त हो गया। वषट्कार और मंगल का नामोनिशान भी न रहा। सारा जगत् भयानक प्रतीत होने लगा। उसकी ओर देखना भी कठिन हो गया था॥ 25॥
The Shraddha ceremony disappeared. Vashatkaar and Mangal were no longer mentioned. The whole world appeared terrifying. It had become difficult even to look at it.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥