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mahabharat 1.209.16: जब शाप उन्हें पत्थर पर छोड़े गए बाण की तरह नुकसान नहीं पहुंचा सके, तब ब्राह्मणों ने अपने सारे नियम त्याग दिए और वहां से भाग गए।   |   mahabharat अध्याय 1.209: सुन्द और उपसुन्दद्वारा क्रूरतापूर्ण कर्मोंसे त्रिलोकीपर विजय प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 209: सुन्द और उपसुन्दद्वारा क्रूरतापूर्ण कर्मोंसे त्रिलोकीपर विजय प्राप्त करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.209.16 
नाक्रामन्त यदा शापा बाणा मुक्ता: शिलास्विव।
नियमान् सम्परित्यज्य व्यद्रवन्त द्विजातय:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जब शाप उन्हें पत्थर पर छोड़े गए बाण की तरह नुकसान नहीं पहुंचा सके, तब ब्राह्मणों ने अपने सारे नियम त्याग दिए और वहां से भाग गए।
 
When the curses could not harm them like arrows shot on a stone, then the Brahmins abandoned all their rules and fled from there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)