Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.209.14: उसके सैनिक शुद्ध ऋषियों के आश्रमों में जाकर उनके अग्निहोत्र की सामग्री उठाकर बिना किसी भय के जल में डाल देते थे ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 1.209: सुन्द और उपसुन्दद्वारा क्रूरतापूर्ण कर्मोंसे त्रिलोकीपर विजय प्राप्त करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 209: सुन्द और उपसुन्दद्वारा क्रूरतापूर्ण कर्मोंसे त्रिलोकीपर विजय प्राप्त करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  1.209.14 
आश्रमेष्वग्निहोत्राणि मुनीनां भावितात्मनाम्।
गृहीत्वा प्रक्षिपन्त्यप्सु विश्रब्धं सैनिकास्तयो:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
उसके सैनिक शुद्ध ऋषियों के आश्रमों में जाकर उनके अग्निहोत्र की सामग्री उठाकर बिना किसी भय के जल में डाल देते थे ॥14॥
 
His soldiers would go to the ashrams of pure sages and pick up the materials for their Agnihotra and throw them into the water without any fear. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)