Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.208.6: उनका चरित्र और व्यवहार एक जैसा था, मानो एक ही आत्मा दो शरीरों में बँट गई हो। वे महाबली राक्षस एक साथ विचरण करने लगे। हर कार्य में वे एक ही निष्कर्ष पर पहुँचते थे। | mahabharat अध्याय 1.208: सुन्द-उपसुन्दकी तपस्या, ब्रह्माजीके द्वारा उन्हें वर प्राप्त होना और दैत्योंके यहाँ आनन्दोत्सव । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनका चरित्र और व्यवहार एक जैसा था, मानो एक ही आत्मा दो शरीरों में बँट गई हो। वे महाबली राक्षस एक साथ विचरण करने लगे। हर कार्य में वे एक ही निष्कर्ष पर पहुँचते थे।
Their character and behaviour were the same, as if a single soul had been divided into two bodies. Those mighty demons started moving together. They reached the same conclusion in every task.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥