Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.208.4: उनका एक ही संकल्प था और वे सदैव एक ही कार्य के लिए एक थे। उनके सुख-दुःख भी एक ही प्रकार के थे। वे दोनों सदैव एक साथ रहते थे॥4॥ | mahabharat अध्याय 1.208: सुन्द-उपसुन्दकी तपस्या, ब्रह्माजीके द्वारा उन्हें वर प्राप्त होना और दैत्योंके यहाँ आनन्दोत्सव । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनका एक ही संकल्प था और वे सदैव एक ही कार्य के लिए एक थे। उनके सुख-दुःख भी एक ही प्रकार के थे। वे दोनों सदैव एक साथ रहते थे॥4॥
They had only one resolve and were always united for one task. Their joys and sorrows were also of the same kind. Both of them always remained together.॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥