Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.208.18-20: तत्पश्चात् बलवान एवं पराक्रमी दोनों भाई सुन्द और उपसुन्द भगवान ब्रह्मा को उपस्थित देखकर हाथ जोड़कर खड़े हो गए और दोनों मिलकर भगवान ब्रह्मा से बोले - 'प्रभो! यदि आप हमारी तपस्या से प्रसन्न हैं तो हम दोनों ही सम्पूर्ण मायाओं को जानने वाले, अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता, बलवान, इच्छानुसार रूप धारण करने वाले और अमर हो जाएँगे।' 18-20॥ | mahabharat अध्याय 1.208: सुन्द-उपसुन्दकी तपस्या, ब्रह्माजीके द्वारा उन्हें वर प्राप्त होना और दैत्योंके यहाँ आनन्दोत्सव । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् बलवान एवं पराक्रमी दोनों भाई सुन्द और उपसुन्द भगवान ब्रह्मा को उपस्थित देखकर हाथ जोड़कर खड़े हो गए और दोनों मिलकर भगवान ब्रह्मा से बोले - 'प्रभो! यदि आप हमारी तपस्या से प्रसन्न हैं तो हम दोनों ही सम्पूर्ण मायाओं को जानने वाले, अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञाता, बलवान, इच्छानुसार रूप धारण करने वाले और अमर हो जाएँगे।' 18-20॥
Thereafter, both the strong and mighty brothers, Sunda and Upasunda, seeing Lord Brahma present, stood with folded hands and together said to Lord Brahma - 'Lord! If you are pleased with our penance, then both of us will become knowledgeable of all illusions, knowledgeable in weapons, strong, able to take any form as per our wish and immortal. 18-20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥