Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.207.9: एक दिन जब सभी महान पाण्डव अपने सिंहासन पर बैठे थे, तब अचानक ही वहाँ नारद मुनि आ पहुँचे॥9॥   |   mahabharat अध्याय 1.207: पाण्डवोंके यहाँ नारदजीका आगमन और उनमें फूट न हो, इसके लिये कुछ नियम बनानेके लिये प्रेरणा करके सुन्द और उपसुन्दकी कथाको प्रस्तावित करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 207: पाण्डवोंके यहाँ नारदजीका आगमन और उनमें फूट न हो, इसके लिये कुछ नियम बनानेके लिये प्रेरणा करके सुन्द और उपसुन्दकी कथाको प्रस्तावित करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.207.9 
अथ तेषूपविष्टेषु सर्वेष्वेव महात्मसु।
नारदस्त्वथ देवर्षिराजगाम यदृच्छया॥ ९॥
 
 
अनुवाद
एक दिन जब सभी महान पाण्डव अपने सिंहासन पर बैठे थे, तब अचानक ही वहाँ नारद मुनि आ पहुँचे॥9॥
 
One day, when all the great Pandavas were sitting on their thrones, the sage Deva Narada suddenly arrived there.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)