Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.207.2: मेरे पूर्वज, सब पाण्डव, महान् सद्गुणों से युक्त थे। उनकी पत्नी द्रौपदी उन सबका अनुसरण कैसे करती थीं?॥ 2॥   |   mahabharat अध्याय 1.207: पाण्डवोंके यहाँ नारदजीका आगमन और उनमें फूट न हो, इसके लिये कुछ नियम बनानेके लिये प्रेरणा करके सुन्द और उपसुन्दकी कथाको प्रस्तावित करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 207: पाण्डवोंके यहाँ नारदजीका आगमन और उनमें फूट न हो, इसके लिये कुछ नियम बनानेके लिये प्रेरणा करके सुन्द और उपसुन्दकी कथाको प्रस्तावित करना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.207.2 
सर्व एव महासत्त्वा मम पूर्वपितामहा:।
द्रौपदी धर्मपत्नी च कथं तानन्ववर्तत॥ २॥
 
 
अनुवाद
मेरे पूर्वज, सब पाण्डव, महान् सद्गुणों से युक्त थे। उनकी पत्नी द्रौपदी उन सबका अनुसरण कैसे करती थीं?॥ 2॥
 
My forefathers, all the Pandavas, were endowed with great goodness (morale). How did their wife Draupadi follow them all?॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)