Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.206.d92: वैशम्पायन कहते हैं - 'हे जनमेजय! तत्पश्चात् भगवान श्रीकृष्ण ने कुन्ती को प्रणाम करके उनकी आज्ञा का पालन करने की आज्ञा दी और विदा लेकर अपने सेवकों सहित वहाँ से प्रस्थान करने का निश्चय किया। | mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं - 'हे जनमेजय! तत्पश्चात् भगवान श्रीकृष्ण ने कुन्ती को प्रणाम करके उनकी आज्ञा का पालन करने की आज्ञा दी और विदा लेकर अपने सेवकों सहित वहाँ से प्रस्थान करने का निश्चय किया।
Vaishmpayana says - 'O Janamejaya! Thereafter Lord Krishna bowed to Kunti saying that he would follow her orders and took leave and decided to leave from there along with his servants.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥