Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.206.d81: तत्पश्चात राजा ने विश्वकर्मा का पूजन करके उन्हें विदा किया। तत्पश्चात व्यासजी को आदरपूर्वक विदा करके राजा युधिष्ठिर ने जाने को तत्पर भगवान श्रीकृष्ण से कहा। | mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(ततस्तु विश्वकर्माणं पूजयित्वा विसृज्य च।
द्वैपायनं च सम्पूज्य विसृज्य च नराधिप।
वार्ष्णेयमब्रवीद् राजा गन्तुकामं कृतक्षणम्॥
अनुवाद
तत्पश्चात राजा ने विश्वकर्मा का पूजन करके उन्हें विदा किया। तत्पश्चात व्यासजी को आदरपूर्वक विदा करके राजा युधिष्ठिर ने जाने को तत्पर भगवान श्रीकृष्ण से कहा।
After that, after worshiping Vishwakarma, the king sent him away. Then after respectfully bidding farewell to Vyasji, King Yudhishthir said to Lord Krishna who was ready to leave.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥