Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.206.d7: विदुर ने कहा, "हे यदुकुल की पुत्री! तुम्हारे पराक्रमी पुत्र इस संसार में (दूसरों के अत्याचार से) नष्ट नहीं हो सकते। अब कुछ ही दिनों में वे अपने समस्त बन्धुओं सहित अपना राज्य संभालने वाले हैं। इसलिए तुम शोक मत करो।"   |   mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान  »  श्लोक d7
 
 
श्लोक  1.206.d7 
विदुर उवाच
न विनश्यन्ति लोकेषु तव पुत्रा महाबला:।
नचिरेणैव कालेन स्वराज्यस्था भवन्ति ते।
बान्धवै: सहिता: सर्वैर्मा शोकं कुरु माधवि॥ )
 
 
अनुवाद
विदुर ने कहा, "हे यदुकुल की पुत्री! तुम्हारे पराक्रमी पुत्र इस संसार में (दूसरों के अत्याचार से) नष्ट नहीं हो सकते। अब कुछ ही दिनों में वे अपने समस्त बन्धुओं सहित अपना राज्य संभालने वाले हैं। इसलिए तुम शोक मत करो।"
 
Vidura said, "O daughter of Yadukul! Your mighty sons cannot be destroyed in this world (by the oppression of others). Now in a few days they are going to take over their kingdom along with all their relatives. So do not grieve."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)