Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.206.d67: इन्द्र बोले - विश्वकर्मन! महामते! (आप जाकर खाण्डवप्रस्थ नगर का निर्माण करें।) आज से वह दिव्य एवं सुन्दर नगर इन्द्रप्रस्थ के नाम से विख्यात होगा।   |   mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान  »  श्लोक d67
 
 
श्लोक  1.206.d67 
महेन्द्र उवाच
विश्वकर्मन् महाप्राज्ञ अद्यप्रभृति तत् पुरम्।
इन्द्रप्रस्थमिति ख्यातं दिव्यं रम्यं भविष्यति॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र बोले - विश्वकर्मन! महामते! (आप जाकर खाण्डवप्रस्थ नगर का निर्माण करें।) आज से वह दिव्य एवं सुन्दर नगर इन्द्रप्रस्थ के नाम से विख्यात होगा।
 
Indra said – Vishwakarman! Mahamate! (You go and build the city of Khandavprastha.) From today onwards that divine and beautiful city will be known as Indraprastha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)