Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.206.d27-d30: वैशम्पायन कहते हैं - जनमेजय! 'बहुत अच्छा' कहकर विदुर ने उस समय वैसी ही व्यवस्था की। उस समय सभी सगे-संबंधियों ने बड़े आदर के साथ पाण्डवों का स्वागत किया। गणमान्य नागरिकों और व्यापारियों ने भी पाण्डवों का पूजन किया। धृतराष्ट्र की आज्ञा से भीष्म, द्रोण, कर्ण और बाह्लीक ने अपने पुत्रों सहित पाण्डवों का आतिथ्य किया। इस प्रकार हस्तिनापुर में विचरण करने वाले महाबली पाण्डवों के समस्त कार्यों में विदुर अग्रणी थे। उन्हें इसके लिए राजा से आज्ञा प्राप्त थी। | mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायन कहते हैं - जनमेजय! 'बहुत अच्छा' कहकर विदुर ने उस समय वैसी ही व्यवस्था की। उस समय सभी सगे-संबंधियों ने बड़े आदर के साथ पाण्डवों का स्वागत किया। गणमान्य नागरिकों और व्यापारियों ने भी पाण्डवों का पूजन किया। धृतराष्ट्र की आज्ञा से भीष्म, द्रोण, कर्ण और बाह्लीक ने अपने पुत्रों सहित पाण्डवों का आतिथ्य किया। इस प्रकार हस्तिनापुर में विचरण करने वाले महाबली पाण्डवों के समस्त कार्यों में विदुर अग्रणी थे। उन्हें इसके लिए राजा से आज्ञा प्राप्त थी।
Vaishampayana says - Janmejaya! Saying 'very good', Vidur made the same arrangements at that time. All the relatives welcomed the Pandavas with great respect at that time. The prominent citizens and merchants also worshipped the Pandavas. Bhishma, Drona, Karna and Bahlika along with their sons hosted the Pandavas on the orders of Dhritarashtra. In this way, Vidur was the leader in all the activities of the great Pandavas who roamed in Hastinapur. He had received orders from the king for this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥