श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  1.206.52 
तां निवेश्य ततो वीरो रामेण सह केशव:।
ययौ द्वारवतीं राजन् पाण्डवानुमते तदा॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! इस प्रकार नगर बसाकर पराक्रमी श्रीकृष्ण बलरामजी के साथ पाण्डवों की अनुमति लेकर उसी समय द्वारकापुरी चले गये।
 
King! After settling the city in this manner, the valiant Sri Krishna along with Balarama took the permission of the Pandavas and went to Dwarkapuri at that time.
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि विदुरागमनराज्यलम्भपर्वणि पुरनिर्माणे षडधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २०६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत विदुरागमनराज्यलम्भपर्वमें नगरनिर्माणविषयक

दो सौ छठा अध्याय पूरा हुआ॥ २०६॥ (दाक्षिणात्य अधिक पाठके ९९ श्लोक मिलाकर कुल १५१ श्लोक हैं)
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)