Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.206.46-47: उन उद्यानों में सुन्दर कला-दीर्घाएँ और राजाओं के भ्रमण के लिए बनाए गए कृत्रिम पर्वत भी सुशोभित हो रहे थे। शुद्ध जल से भरे हुए अनेक प्रकार के कुएँ और कमल-कुमुदिनी की सुगन्ध से परिपूर्ण अत्यंत सुन्दर सरोवर, जिनमें हंस, करण्डव और चक्रवाक जैसे पक्षी निवास करते थे, उन उद्यानों की शोभा बढ़ा रहे थे। | mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन उद्यानों में सुन्दर कला-दीर्घाएँ और राजाओं के भ्रमण के लिए बनाए गए कृत्रिम पर्वत भी सुशोभित हो रहे थे। शुद्ध जल से भरे हुए अनेक प्रकार के कुएँ और कमल-कुमुदिनी की सुगन्ध से परिपूर्ण अत्यंत सुन्दर सरोवर, जिनमें हंस, करण्डव और चक्रवाक जैसे पक्षी निवास करते थे, उन उद्यानों की शोभा बढ़ा रहे थे।
Those gardens were also being adorned by beautiful art galleries and artificial mountains constructed for the kings' excursions. Many types of wells filled with pure water and extremely beautiful lakes filled with the fragrance of lotus and lily, where birds like swan, Karandava and Chakravak resided, were enhancing the beauty of those gardens.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥