Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.206.43-44: प्राचीन आँवला, लोध्र, पुष्पित अंकोल, जामुन, पाटल, कुब्जक, अतिमुक्तक लता, करवीर, पारिजात तथा नाना प्रकार के वृक्ष, जिनमें सदैव फल-फूल लगे रहते थे और जिन पर हजारों प्रकार के पक्षी कलरव करते थे, उन उद्यानों की शोभा बढ़ा रहे थे ॥43-44॥ | mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्राचीन आँवला, लोध्र, पुष्पित अंकोल, जामुन, पाटल, कुब्जक, अतिमुक्तक लता, करवीर, पारिजात तथा नाना प्रकार के वृक्ष, जिनमें सदैव फल-फूल लगे रहते थे और जिन पर हजारों प्रकार के पक्षी कलरव करते थे, उन उद्यानों की शोभा बढ़ा रहे थे ॥43-44॥
Ancient Amla (gooseberry), Lodhra (lodhra), blooming Ankol, Jamun, Patal, Kubjak, Atimuktak creeper, Karveer, Parijat and various other types of trees, which always had fruits and flowers and on which thousands of different birds used to chirp, were enhancing the beauty of those gardens. ॥43-44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥