Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.206.25-26h: वहाँ रहते हुए तुम्हें कोई कष्ट नहीं दे सकेगा; क्योंकि जैसे वज्रधारी इन्द्र देवताओं की रक्षा करते हैं, वैसे ही कुन्तीपुत्र अर्जुन वहाँ तुम्हारी अच्छी तरह रक्षा करेंगे। तुम आधा राज्य लेकर खाण्डवप्रस्थ में जाकर रहो। | mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न च वो वसतस्तत्र कश्चिच्छक्त: प्रबाधितुम्।
संरक्ष्यमाणान् पार्थेन त्रिदशानिव वज्रिणा॥ २५॥
अर्धं राज्यस्य सम्प्राप्य खाण्डवप्रस्थमाविश।
अनुवाद
वहाँ रहते हुए तुम्हें कोई कष्ट नहीं दे सकेगा; क्योंकि जैसे वज्रधारी इन्द्र देवताओं की रक्षा करते हैं, वैसे ही कुन्तीपुत्र अर्जुन वहाँ तुम्हारी अच्छी तरह रक्षा करेंगे। तुम आधा राज्य लेकर खाण्डवप्रस्थ में जाकर रहो।
No one can cause you any trouble while you are there; because just like the thunderbolt wielding Indra protects the gods, in the same way Kunti's son Arjuna will protect you well there. You take half the kingdom and go and live in Khandavprastha. 25 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥