Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.206.19: हे पिता! यदि कुन्ती के वीर पुत्र इस नगर में लौट आते, तो हमारा कौन-सा प्रिय कार्य आज पूरा न होता?॥19॥   |   mahabharat अध्याय 1.206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 206: पाण्डवोंका हस्तिनापुरमें आना और आधा राज्य पाकर इन्द्रप्रस्थ नगरका निर्माण करना एवं भगवान् श्रीकृष्ण और बलरामजीका द्वारकाके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.206.19 
किं नु नाद्य कृतं तात सर्वेषां न: परं प्रियम्।
यन्न: कुन्तीसुता वीरा नगरं पुनरागता:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे पिता! यदि कुन्ती के वीर पुत्र इस नगर में लौट आते, तो हमारा कौन-सा प्रिय कार्य आज पूरा न होता?॥19॥
 
O father! If the valiant sons of Kunti return to this city, then which of our most cherished tasks would not have been accomplished today? ॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)