Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.205.2: जैसे कुन्ती के वीर और पराक्रमी पुत्र पाण्डु के पुत्र हैं, वैसे ही धर्म की दृष्टि से वे सब मेरे भी पुत्र हैं - इसमें कोई संदेह नहीं है ॥2॥ | mahabharat अध्याय 1.205: धृतराष्ट्रकी आज्ञासे विदुरका द्रुपदके यहाँ जाना और पाण्डवोंको हस्तिनापुर भेजनेका प्रस्ताव करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे कुन्ती के वीर और पराक्रमी पुत्र पाण्डु के पुत्र हैं, वैसे ही धर्म की दृष्टि से वे सब मेरे भी पुत्र हैं - इसमें कोई संदेह नहीं है ॥2॥
Just as the valiant and mighty sons of Kunti are the sons of Pandu, so, from the viewpoint of Dharma, they are all my sons too - there is no doubt about this. ॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥