Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.205.11: विदुरजी ने भी वहाँ पाण्डवों और वसुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण को देखा और स्नेहपूर्वक उन्हें गले लगाकर उन सबका कुशल-क्षेम पूछा॥11॥ | mahabharat अध्याय 1.205: धृतराष्ट्रकी आज्ञासे विदुरका द्रुपदके यहाँ जाना और पाण्डवोंको हस्तिनापुर भेजनेका प्रस्ताव करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ददर्श पाण्डवांस्तत्र वासुदेवं च भारत।
स्नेहात् परिष्वज्य स तान् पप्रच्छानामयं तत:॥ ११॥
अनुवाद
विदुरजी ने भी वहाँ पाण्डवों और वसुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण को देखा और स्नेहपूर्वक उन्हें गले लगाकर उन सबका कुशल-क्षेम पूछा॥11॥
India Vidurji also saw the Pandavas and Vasudevanandan Lord Shri Krishna there and affectionately hugged them and inquired about the well-being of all of them. 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥