श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 204: विदुरजीकी सम्मति—द्रोण और भीष्मके वचनोंका ही समर्थन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.204.6 
धर्मे चानवरौ राजन् सत्यतायां च भारत।
रामाद् दाशरथेश्चैव गयाच्चैव न संशय:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे भरतवंशी राजा! ये दोनों धर्म और सत्य के मामले में भगवान राम और राजा गय से किसी प्रकार कम नहीं हैं। मेरा कथन सर्वथा संदेह रहित है॥6॥
 
O King of the Bharat dynasty! These two are no less than Lord Rama and King Gaya in terms of religion and truthfulness. My statement is absolutely without any doubt. ॥ 6॥
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