Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.204.30: हे राजन! आप बड़े पुण्यात्मा हैं। मैंने आपसे पहले ही कहा था कि दुर्योधन के अपराध के कारण यह समस्त प्रजा अवश्य ही नष्ट हो जाएगी। | mahabharat अध्याय 1.204: विदुरजीकी सम्मति—द्रोण और भीष्मके वचनोंका ही समर्थन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उक्तमेतत् पुरा राजन् मया गुणवतस्तव।
दुर्योधनापराधेन प्रजेयं वै विनङ्क्ष्यति॥ ३०॥
अनुवाद
हे राजन! आप बड़े पुण्यात्मा हैं। मैंने आपसे पहले ही कहा था कि दुर्योधन के अपराध के कारण यह समस्त प्रजा अवश्य ही नष्ट हो जाएगी।
O King! You are a man of great virtue. I had already told you that because of Duryodhan's crime this entire population will surely be destroyed. 30.
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि विदुरागमनराज्यलम्भपर्वणि विदुरवाक्ये चतुरधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २०४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत विदुरागमन-राज्यलम्भपर्वमें विदुरवाक्यविषयक
दो सौ चौथा अध्याय पूरा हुआ॥ २०४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥