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mahabharat 1.204.28: कुन्ती के पुत्रों के जीवित होने की बात सुनकर नगर और जनपद के सभी लोग उन्हें देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं। हे राजन, आप उन सबका कल्याण करें॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 1.204: विदुरजीकी सम्मति—द्रोण और भीष्मके वचनोंका ही समर्थन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 204: विदुरजीकी सम्मति—द्रोण और भीष्मके वचनोंका ही समर्थन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.204.28 
श्रुत्वा च जीवत: पार्थान् पौरजानपदा जना:।
बलवद् दर्शने हृष्टास्तेषां राजन् प्रियं कुरु॥ २८॥
 
 
अनुवाद
कुन्ती के पुत्रों के जीवित होने की बात सुनकर नगर और जनपद के सभी लोग उन्हें देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं। हे राजन, आप उन सबका कल्याण करें॥ 28॥
 
Hearing that Kunti's sons are alive, all the people of the city and the district are very eager to see them. O King, please do good to them all.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)