श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 204: विदुरजीकी सम्मति—द्रोण और भीष्मके वचनोंका ही समर्थन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.204.26 
बलवन्तश्च दाशार्हा बहवश्च विशाम्पते।
यत: कृष्णस्तत: सर्वे यत: कृष्णस्ततो जय:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे पृथ्वी के स्वामी! यदुवंशी बहुत संख्या में हैं और बहुत बलवान हैं। वे सब कृष्ण के पक्ष में होंगे। अतः जिस पक्ष में कृष्ण होंगे, उसकी विजय अवश्य होगी॥ 26॥
 
O lord of the earth! The Yaduvanshis are very numerous and are very strong. They will all be on the side of Krishna. Therefore, the side on which Krishna is, will surely win.॥ 26॥
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