Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.204.18: इसी प्रकार युद्ध में निपुण और यमराज के पुत्रों के समान भयंकर दोनों भाई नकुल और सहदेव भी जीवित रहने की इच्छा रखने वाले से कैसे पराजित हो सकते हैं?॥18॥ | mahabharat अध्याय 1.204: विदुरजीकी सम्मति—द्रोण और भीष्मके वचनोंका ही समर्थन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार युद्ध में निपुण और यमराज के पुत्रों के समान भयंकर दोनों भाई नकुल और सहदेव भी जीवित रहने की इच्छा रखने वाले से कैसे पराजित हो सकते हैं?॥18॥
Similarly, how can the two brothers Nakula and Sahadeva, who are adept in war and fearsome like the sons of Yamaraja, be defeated by one who wishes to stay alive?॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥