Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.203.28: मैं तुमसे बहुत कल्याणकारी बात कह रहा हूँ। यदि इसके विपरीत कुछ भी किया गया तो कौरवों का शीघ्र ही नाश हो जाएगा - ऐसा मेरा मत है। | mahabharat अध्याय 1.203: द्रोणाचार्यकी पाण्डवोंको उपहार भेजने और बुलानेकी सम्मति तथा कर्णके द्वारा उनकी सम्मतिका विरोध करनेपर द्रोणाचार्यकी फटकार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं तुमसे बहुत कल्याणकारी बात कह रहा हूँ। यदि इसके विपरीत कुछ भी किया गया तो कौरवों का शीघ्र ही नाश हो जाएगा - ऐसा मेरा मत है।
I am telling you something that is very beneficial. If anything contrary to this is done, then the Kauravas will soon be destroyed - this is my opinion. 28.
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि विदुरागमनराज्यलम्भपर्वणि द्रोणवाक्ये त्र्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २०३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत विदुरागमन-राज्यलम्भपर्वमें द्रोणवाक्यविषयक दो सौ तीसरा अध्याय पूरा हुआ॥ २०३॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥