Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.203.27: कर्ण! मैं तुम्हें एक ऐसी बात बता रहा हूँ जो मेरी समझ से कुरुवंश के लिए परम हितकारी होगी। यदि तुम उसे दोषपूर्ण समझते हो तो बताओ, ऐसा क्या करना चाहिए जिससे कौरवों का परम हित हो?॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 1.203: द्रोणाचार्यकी पाण्डवोंको उपहार भेजने और बुलानेकी सम्मति तथा कर्णके द्वारा उनकी सम्मतिका विरोध करनेपर द्रोणाचार्यकी फटकार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्ण! मैं तुम्हें एक ऐसी बात बता रहा हूँ जो मेरी समझ से कुरुवंश के लिए परम हितकारी होगी। यदि तुम उसे दोषपूर्ण समझते हो तो बताओ, ऐसा क्या करना चाहिए जिससे कौरवों का परम हित हो?॥ 27॥
Karna! I am telling you something that will be of utmost benefit to the Kuru clan as per my understanding. If you consider it to be flawed then tell me, what should be done that will be of utmost benefit to the Kauravas?॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥