Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.203.22: यद्यपि राजा सम्पूर्ण इन्द्रियों से रहित था और केवल श्वास ले सकता था, तथापि उसके लाख प्रयत्न करने पर भी वह दुष्ट मंत्री उसके राज्य पर अधिकार नहीं कर सका - ऐसा हमने सुना है ॥22॥ | mahabharat अध्याय 1.203: द्रोणाचार्यकी पाण्डवोंको उपहार भेजने और बुलानेकी सम्मति तथा कर्णके द्वारा उनकी सम्मतिका विरोध करनेपर द्रोणाचार्यकी फटकार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि राजा सम्पूर्ण इन्द्रियों से रहित था और केवल श्वास ले सकता था, तथापि उसके लाख प्रयत्न करने पर भी वह दुष्ट मंत्री उसके राज्य पर अधिकार नहीं कर सका - ऐसा हमने सुना है ॥22॥
Although the king was devoid of all the senses and could only breathe superficially, yet in spite of his best efforts the evil minister could not take over his kingdom - we have heard this. ॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥