Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.203.21: ये सब वस्तुएँ पाकर उस लोभी का लोभ बढ़ता ही गया। ये सब वस्तुएँ पाकर वह उनका राज्य भी हड़पने की इच्छा करने लगा। | mahabharat अध्याय 1.203: द्रोणाचार्यकी पाण्डवोंको उपहार भेजने और बुलानेकी सम्मति तथा कर्णके द्वारा उनकी सम्मतिका विरोध करनेपर द्रोणाचार्यकी फटकार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदादाय च लुब्धस्य लोभाल्लोभोऽप्यवर्धत।
तथा हि सर्वमादाय राज्यमस्य जिहीर्षति॥ २१॥
अनुवाद
ये सब वस्तुएँ पाकर उस लोभी का लोभ बढ़ता ही गया। ये सब वस्तुएँ पाकर वह उनका राज्य भी हड़पने की इच्छा करने लगा।
Having got all these things, the greed of that greedy man kept on increasing. Having taken all these things, he started desiring to usurp their kingdom also. 21.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥