Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.203.19: उसके मंत्री का नाम महाकर्णी था । उन दिनों वह वहाँ का एकछत्र राजा हो गया था । उसके पास सैन्यबल था, अतः वह अपने को बलवान समझकर राजा की उपेक्षा करता था ॥19॥ | mahabharat अध्याय 1.203: द्रोणाचार्यकी पाण्डवोंको उपहार भेजने और बुलानेकी सम्मति तथा कर्णके द्वारा उनकी सम्मतिका विरोध करनेपर द्रोणाचार्यकी फटकार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्यामात्यो महाकर्णिर्बभूवैकेश्वरस्तदा।
स लब्धबलमात्मानं मन्यमानोऽवमन्यते॥ १९॥
अनुवाद
उसके मंत्री का नाम महाकर्णी था । उन दिनों वह वहाँ का एकछत्र राजा हो गया था । उसके पास सैन्यबल था, अतः वह अपने को बलवान समझकर राजा की उपेक्षा करता था ॥19॥
The name of his minister was Mahakarni. In those days he had become the sole king there. He had military power, so considering himself strong he used to ignore the king.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥