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श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 203: द्रोणाचार्यकी पाण्डवोंको उपहार भेजने और बुलानेकी सम्मति तथा कर्णके द्वारा उनकी सम्मतिका विरोध करनेपर द्रोणाचार्यकी फटकार  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.203.17 
श्रूयते हि पुरा कश्चिदम्बुवीच इतीश्वर:।
आसीद् राजगृहे राजा मागधानां महीक्षिताम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
सुना है कि पहले राजगृह में अम्बुविच नाम का एक राजा राज्य करता था। वह मगध नरेशों में से एक था।
 
It is heard that earlier a king named Ambuvich used to rule in Rajagriha. He was one of the Magadh kings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)