Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.203.12: हे भरतवंशी राजा! आपको अपने पुत्रों तथा पाण्डवों के प्रति वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा कि ऊपर कहा गया है। मैं भीष्मजी के प्रति भी यही उचित समझता हूँ॥12॥ | mahabharat अध्याय 1.203: द्रोणाचार्यकी पाण्डवोंको उपहार भेजने और बुलानेकी सम्मति तथा कर्णके द्वारा उनकी सम्मतिका विरोध करनेपर द्रोणाचार्यकी फटकार । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतवंशी राजा! आपको अपने पुत्रों तथा पाण्डवों के प्रति वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा कि ऊपर कहा गया है। मैं भीष्मजी के प्रति भी यही उचित समझता हूँ॥12॥
O King of the Bharata dynasty, you should behave in the same manner towards your sons and the Pandavas as is stated above. I too think the same is appropriate with Bhishmaji.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥