Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.202.2: धृतराष्ट्र! जैसे गांधारी के पुत्र मेरे अपने हैं, वैसे ही कुन्ती के पुत्र भी मेरे अपने हैं; अतः जैसे मुझे पाण्डवों की रक्षा करनी चाहिए, वैसे ही तुम्हें भी करनी चाहिए॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 1.202: भीष्मकी दुर्योधनसे पाण्डवोंको आधा राज्य देनेकी सलाह । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गान्धार्याश्च यथा पुत्रास्तथा कुन्तीसुता मम।
यथा च मम ते रक्ष्या धृतराष्ट्र तथा तव॥ २॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र! जैसे गांधारी के पुत्र मेरे अपने हैं, वैसे ही कुन्ती के पुत्र भी मेरे अपने हैं; अतः जैसे मुझे पाण्डवों की रक्षा करनी चाहिए, वैसे ही तुम्हें भी करनी चाहिए॥ 2॥
Dhritarashtra! Just as Gandhari's sons are my own, so are Kunti's sons; therefore, just as I should protect the Pandavas, you should also.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥