श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 201: पाण्डवोंको पराक्रमसे दबानेके लिये कर्णकी सम्मति  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  1.201.25 
तत आनाय्य तान् सर्वान् मन्त्रिण: सुमहायशा:।
धृतराष्ट्रो महाराज मन्त्रयामास वै तदा॥ २५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् महाबली धृतराष्ट्र ने भीष्म, द्रोण आदि समस्त मन्त्रियों को बुलाकर उस समय उनके साथ विचार करना आरम्भ किया॥25॥
 
Maharaj! Thereafter, the great Dhritarashtra called all the ministers like Bhishma, Drona etc. and started thinking with them at that time. 25॥
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि विदुरागमनराज्यलम्भपर्वणि धृतराष्ट्रमन्त्रणे एकाधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २०१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत विदुरागमन-राज्यलम्भपर्वमें धृतराष्ट्रमन्त्रणासम्बन्धी दो सौ पहला अध्याय पूरा हुआ॥ २०१॥

 
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