श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 201: पाण्डवोंको पराक्रमसे दबानेके लिये कर्णकी सम्मति  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.201.17 
विक्रमेण मही प्राप्ता भरतेन महात्मना।
विक्रमेण च लोकांस्त्रीञ्जितवान् पाकशासन:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
महात्मा भरत ने अपने पराक्रम से इस पृथ्वी को प्राप्त किया। इन्द्र ने अपने पराक्रम से तीनों लोकों पर विजय प्राप्त की॥17॥
 
Mahatma Bharata attained this earth by his valour. Indra conquered the three worlds by his valour.॥ 17॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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