श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 201: पाण्डवोंको पराक्रमसे दबानेके लिये कर्णकी सम्मति  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.201.13 
वाहनानि प्रभूतानि मित्राणि च कुलानि च।
यावन्न तेषां गान्धारे तावद् विक्रम पार्थिव॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे गांधारीपुत्र! जब तक पाण्डवों के पास बहुत से वाहन, मित्र और सम्बन्धी न हों, तब तक तुम उन पर अपना पराक्रम दिखाओ।
 
O King! O son of Gandhari! Until the Pandavas have many vehicles, friends and relatives, you should show your might against them. 13.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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