Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.200.12: हे राजन! यदि वह मारा गया, तो पाण्डवों का बल और उत्साह नष्ट हो जाएगा। तब वे राज्य लेने का प्रयत्न नहीं करेंगे। भीमसेन ही उनका सबसे बड़ा आश्रय है ॥12॥ | mahabharat अध्याय 1.200: धृतराष्ट्र और दुर्योधनकी बातचीत, शत्रुओंको वशमें करनेके उपाय । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्मिंस्त्वभिहते राजन् हतोत्साहा हतौजस:।
यतिष्यन्ते न राज्याय स हि तेषां व्यपाश्रय:॥ १२॥
अनुवाद
हे राजन! यदि वह मारा गया, तो पाण्डवों का बल और उत्साह नष्ट हो जाएगा। तब वे राज्य लेने का प्रयत्न नहीं करेंगे। भीमसेन ही उनका सबसे बड़ा आश्रय है ॥12॥
O King! If he is killed, the strength and enthusiasm of the Pandavas will be destroyed. Then they will not try to take the kingdom. Bhimasena is their greatest refuge. ॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥