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तमाश्रित्य हि कौन्तेय: पुरा चास्मान् न मन्यते।
स हि तीक्ष्णश्च शूरश्च तेषां चैव परायणम्॥ ११॥
अनुवाद
उनकी शरण में आकर कुंतीपुत्र युधिष्ठिर पहले से ही हमें कुछ नहीं समझते। वे तीखे स्वभाव के हैं और वीर योद्धा हैं। वे पांडवों के सबसे बड़े आधार हैं। 11.
Taking shelter in him, Kunti's son Yudhishthira already does not consider us anything. He has a sharp temper and is a brave warrior. He is the biggest support of the Pandavas. 11.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥