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mahabharat 1.20.9: स्वयं ब्रह्मा ने यह श्राप सुना। यह ईश्वरीय संयोग ही है कि सर्पों को उनकी माता कद्रू से अत्यंत कठोर श्राप मिला।   |   mahabharat अध्याय 1.20: कद्रू और विनताकी होड़, कद्रूद्वारा अपने पुत्रोंको शाप एवं ब्रह्माजीद्वारा उसका अनुमोदन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 20: कद्रू और विनताकी होड़, कद्रूद्वारा अपने पुत्रोंको शाप एवं ब्रह्माजीद्वारा उसका अनुमोदन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.20.9 
शापमेनं तु शुश्राव स्वयमेव पितामह:।
अतिक्रूरं समुत्सृष्टं कद्र्वा दैवादतीव हि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
स्वयं ब्रह्मा ने यह श्राप सुना। यह ईश्वरीय संयोग ही है कि सर्पों को उनकी माता कद्रू से अत्यंत कठोर श्राप मिला।
 
Brahma himself heard this curse. It is a matter of divine coincidence that the snakes received a very harsh curse from their mother Kadru.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)